100 करोड़ की फ़िल्म फ़्लॉप हो जाए तो सबसे ज़यादा नुक़सान किसका होता है? बॉलीवुड का कड़वा सच

ravi

नमस्कार दोस्तों आज जो पोस्ट है काफी हेल्पफुल होने वाला है उनलोगों के लिए जो लोग इस इंडस्ट्री में फिल्म मेकिंग में आना चाहते हैं उनको यह जानना बहुत ही जरूरी होता है कि Bollywood Risk Factor क्या होता हैं।

जब भी कोई बड़े स्टार कास्ट की फिल्में रिलीज होती है और अगर वह 100 करोड़ 200 करोड़ या 500 करोड़ का आंकड़ा पार करती है तो सबसे ज्यादा हीरो की चर्चा होती है और निर्देशक को लोग ज़यादा तारीफ़ करते हैं।

लेकिन वही जब कोई बड़े स्टार कास्ट की फिल्में फ्लॉप हो जाती है तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा निर्देशक की आलोचना होती है लेकिन क्या आप जानते हैं इससे भी बड़ा रिस्क किसका होता है और कौन वह सबसे बड़ा रस्क उठता हैं।

यह सवाल जितना आसान लगता है इसका जवाब उतना ही दिलचस्प हैं एक फिल्म के पीछे करोड़ों रुपये दाव पर लगे होते हैं वहीं अगर एक गलत फैसला हो जाए तो किसी का करियर खत्म हो जाता है ।

तो किसी की पूरी जीवन भर की कमाई यूँ कहे की पूरी कंपनी तक डूब जाती है आज हम इस पोस्ट में समझेंगे विस्तार से की बॉलीवुड में सबसे ज्यादा आखिर रिस्क लेता कौन है और क्यों लेता है।

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फ़िल्म बनने की शुरुआत ही रिस्क से होती हैं

जब भी कोई निर्माता किसी फिल्म की प्लानिंग करता हैं तो तो सबसे पहले उसे फिल्म की कहानी के लिए लेखक को पैसे देने पड़ते हैं कहानी खरीदना पड़ता है स्टार कास्ट को साइन करना पड़ता है वही लोकेशन की बुकिंग करनी पड़ती हैं।

प्री प्रोडक्शन के लिए जितनी भी जरूरत की चीज है तो उस पर खर्च करना पड़ता है और इन सभी कामों में बहुत सारा पैसा लगता है जबकि उस समय किसी को यह भी नहीं पता होता है की फिल्म फ्यूचर में चलेगी या नहीं चलेगी इसी से आप समझ सकते की किसी फिल्म की  शुरुआत ही रिस्क से ही शुरू होती हैं।

क्या अभिनेता सबसे ज्यादा रिस्क लेते हैं?

बहुत सारे लोग यह मानते हैं की सबसे ज्यादा रिस्क सुपरस्टार लेता है क्योंकि उनका इमेज दाव पर लगा होता है उदाहरण के लिए अगर कोई बड़ी फिल्म फ्लॉप हो जाए तो अभिनेता की लोकप्रियता काफी प्रभावित होती है लेकिन अधिकांश बड़े सितारे अपनी फीस बहुत पहले ही ले लेते हैं ।

उनका फ़ीस फिक्स होता है और वह फिल्म बनने से पहले लगभग 50% पेमेंट ले चुके होते हैं फिल्म चले या ना चले उनका भुगतान अक्सर ही सुरक्षित रखा जाता है आर्थिक दृष्टि से अगर बोले तो अभिनेता को कोई नुकसान नहीं होता है उनका करियर उनकी लोकप्रियता जरूर  प्रभावित होती है

लेकिन सबसे बड़े नुकसान की बात करें तो आर्थिक नुकसान उनका नहीं होता हैं लेक़िन फ़िल्म फ़्लॉप होने पर उनके करियर पर ज़रूर असर पड़ता हैं।

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Bollywood Risk Factor and Film Producer Financial Risk

निर्देशक का क्या नुक़सान होता हैं

जब भी एक फिल्म फ्लॉप होती है तो सबसे पहले लोग निर्देशक पर उंगली उठाते हैं क्योंकि वह फ़िल्म का कप्तान माना जाता है और कप्तान की जिम्मेदारी होने के कारण सबसे ज्यादा लोग उन्हें कोसते हैं ।

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वही फिल्म खराब बन जाती है तो निर्देशक को बहुत कुछ झेलना पड़ता हैं सोशल मीडिया पर उन पर ब्लेम किया जाता है उनकी प्रतिष्ठा और भविष्य के प्रोजेक्ट जो मिलने वाले प्रोजेक्ट होते हैं वह भी बहुत हद तक प्रभावित होता हैं।

हालांकि निर्देशक का कैरियर भी जोखिम में पड़ जाता हैं लेकिन आमतौर पर या यूं कहें कि व्यक्तिगत तौर पर आर्थिक नुकसान बहुत कम होता है सबसे बड़ा नुकसान निर्माता का होता है जो फिल्म में पैसे लगता हैं।

वहीं इसका उल्टा भी होता है जब एक फिल्म सुपरहिट हो जाती है अच्छे पैसे कमाती है ब्लॉकबस्टर होती है तो सबसे ज्यादा तारीफ निर्देशक का ही होता है एक्टर की तारीफ होती हैं वही प्रोड्यूसर भी मालामाल हो जाता हैं।

आख़िर निर्माता ( Producer) क्यों लेता हैं सबसे ज़्यादा रिस्क

यहीं आकर इस पोस्ट का जो टाइटल है उसका जवाब मिलता है कि आखिर निर्माता ही सबसे ज्यादा रिस्क क्यों लेता है जिसका कारण हैं, पैसा वही लगता है एक-एक पैसा उसका खर्च होता है वह कहीं से भी अपना पैसा हो या लोन लेता हैं बजट वह मैनेज करता है नुकसान होने पर भुगतान की सारी जिम्मेदारी निर्माता का होता हैं यदि 200 करोड़ की फिल्म फ्लॉप हो जाए तो सबसे बड़ा आर्थिक नुकसान निर्माता को ही होता हैं।

इस लिहाज से देखा जाए तो सबसे ज्यादा बड़ा रिस्क निर्माता ही लेता है क्योंकि उसका हर जगह पैसा खर्च होता है और आर्थिक नुकसान की बात करें तो सबसे बड़ा नुकसान निर्माता यानी की प्रोड्यूसर का ही होता हैं।

कैसे एक फ़्लॉप फ़िल्म रोड पे ला सकती हैं या मालामाल कर देती है

मान लीजिए कोई निर्माता 200 करोड़ की फिल्म बनाता हैं और उसे फिल्म में 100 करोड रुपए का नुकसान हो जाता है अब यहां बात ये आती है कि जितने भी क्रू मेंबर है चाहे वह एक्टर हो,टेक्नीशियन हो,सब अपने-अपने पैसे ले लेते हैं अब सारा रिस्क निर्माता के ऊपर होता हैं

क्योंकि वह अपना पैसा अगर खर्च किया है तो कुछ हद तक सही है और रोड पर आने से बच सकता है लेकिन वही अगर उसने लोन लिया है या किसी से फाइनेंस लिया है अगर वह टाइम पर पैसे नहीं चूकता हैं

तो उसके ऊपर बहुत मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ता है उसको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कभी-कभी तो ऐसा भी सुनने में आया है कि एक फिल्म बनाकर  निर्माता पूरी तरह रोड पर भी आ जाता हैं।

अब बात करते हैं कि जब इतना रिस्क है तो निर्माता आखिर फ़िल्म बनाता क्यों है तो हर सिक्के का दो पहलू होता है एक तरफ इतना बड़ा रिस्क है तो एक तरफ उतना बड़ा रिवॉर्ड भी है वहीं अगर फिल्म 200 करोड़ की फिल्म अगर 1000 करोड़ कमा जाती है तो सारे टेक्नीशियन, स्टार्स को देने के बाद अगर चलो 600 करोड़ भी बचा तो वह सारा पैसा प्रोड्यूसर या निर्माता को ही मिलता हैं इसलिए ही निर्माता इतना बड़ा रिस्क लेने का जोखिम उठाता हैं।

ollywood Risk Factor – Box Office Success and Failure Analysis

OTT के दौर में क्या रिस्क कम हुआ है ?

लेकिन आज के दौर में बहुत कुछ बदल गया हैं OTT प्लेटफॉर्म आने के बाद कई लोगों को लगता है कि निर्माता का जोखिम कम हो गया है। कुछ हद तक यह सही भी हैं क्योकि आज ओटीटी दिल से भी करोडो का फ़ायदा होता हैं आज बड़ी बड़ी फिल्में डिजिटल राइट्स बेचकर करोड़ो की कमाई कर लेती हैं |

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क्योंकि:

  • डिजिटल राइट्स बिकते हैं।
  • सैटेलाइट राइट्स बिकते हैं।
  • म्यूजिक राइट्स से कमाई होती है।

लेकिन इसके बावजूद बड़ी फिल्मों में करोड़ों रुपये का दांव लगा रहता है। अगर कंटेंट कमजोर हो तो OTT भी ऊंची कीमत देने से बचते हैं। इसलिए Bollywood Risk Factor में सबसे बड़ा रिस्क आज भी निर्माता का ही होता हैं |

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नए कलाकारों के साथ फ़िल्म बनाना रिस्की क्यों है ?

इतना रिस्क होने के बाद भी कभी कभी निर्माता नए कलाकारों के साथ फिल्म क्यों बनता हैं ये सवाल बहुत लोगों के मन में आ रहा होगा, इसका जबाब हैं की नए कलाकारों के साथ रिस्क तो होता हैं लेकिन आर्थिक जोखिम भी कम होता हैं क्योकि फिल्म की लागत नहीं काम होती हैं | लेकिन फिर भी जोखिम रहता हैं क्योकि –

  • स्टार वैल्यू नहीं होती।
  • दर्शकों की प्रतिक्रिया अनिश्चित होती है।
  • मार्केटिंग पर अधिक खर्च करना पड़ता है।

फिर भी कई निर्माता नए चेहरों पर भरोसा करते हैं, क्योकि आज के ज़माने में प्रमोशन एक ऐसा हथियार हैं अगर कंटेंट दमदार हैं ,एक्टर नया हैं लेकिन एक्टिंग आती हैं तो बहुत बार फिल्मे सुपर हिट हो जाती हैं अभी आपने सैयारा फिल्म देखा होगा, सरे स्टार्स नए थे लेकिन कहानी अच्छी थी , गाने सुपर हिट थे और साथ ही निर्देशक ने कहानी को काफी अच्छे तरीके से पेर्जेंट किया था | इस तरह नए कलाकार को मौक़ा मिलता हैं और यहीं से बॉलीवुड को नए सितारे मिलते हैं।

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कंटेंट आधारित फिल्मों का नया दौर

आज दर्शक सिर्फ स्टार नहीं बल्कि अच्छी कहानी भी देखना चाहते हैं। इस वजह से निर्माता को यह तय करना पड़ता है कि:

  • बड़े स्टार पर पैसा लगाए?
  • या मजबूत कहानी पर भरोसा करे?

दोनों विकल्पों में जोखिम मौजूद हैं लेकिन दोनों में संभावनाएं भी हैं नया स्टार होता हैं तो कम बजट में भी फिल्म बन जताई हैं तो उम्मीद होता हैं अगर स्टोरी दमदार हैं तो Promotion के ज़रिये फिल्म को हिट किया जा सकता हैं और उसके बाबजूद भी फिल्म नहीं चलती हैं तो आर्थिक नुक़सान भी कम होता हैं क्योकि बहुत सारे राइट्स बेचकर, सोशल मीडिया से कई ऐसे रास्तों से ऑलमोस्ट पैसा रिकवर होने की पूरी सम्भावना रहती हैं

बड़ा स्टार हिट की गारंटी नहीं हैं

बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में रही हैं जिनका बजट बहुत बड़ा था लेकिन बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन कमजोर रहा।ऐसी फिल्मों ने यह साबित किया कि सिर्फ बड़ा बजट सफलता की गारंटी नहीं है। बॉलीवुड में कई बड़ी स्टार कास्ट फिल्मे हैं जो बड़ा स्टार, बड़ा स्केल होने के बाद भी फ़िल्म फ्लॉप रही हैं इसलिए फिल्म इंडस्ट्री में हर प्रोजेक्ट एक नए दांव की तरह होता है।

अगर फिल्म हिट हो जाए तो सबसे ज्यादा फायदा किसे?

अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा रिस्क लेने वाला व्यक्ति अक्सर सबसे बड़ा लाभ भी कमाता है जैसा की मैंने ऊपर ही बताया था| फिल्म सफल होने पर निर्माता को मिलता है:

  • थिएटर रेवेन्यू
  • OTT डील
  • सैटेलाइट राइट्स
  • म्यूजिक राइट्स
  • ब्रांड वैल्यू

यानी बड़ा रिस्क और बड़ा रिवॉर्ड साथ-साथ चलते हैं। इसलिए कहा जाता हैं की जितना बड़ा रिस्क उतना बड़ा रिवार्ड

निष्कर्ष

अगर सवाल पूछा जाए कि “Bollywood Risk Factor में सबसे ज्यादा रिस्क कौन लेता है?” तो जवाब स्पष्ट है – निर्माता (Producer)।

अभिनेता अपनी लोकप्रियता का जोखिम लेते हैं, निर्देशक अपने करियर का जोखिम उठाते हैं, लेकिन निर्माता अपना पैसा, अपनी कंपनी और कई बार अपना भविष्य दांव पर लगाता है।

हर फिल्म एक बिजनेस प्रोजेक्ट है, और इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा निवेशक निर्माता होता है। इसलिए बॉलीवुड का सबसे बड़ा खिलाड़ी भी वही है और सबसे बड़ा जोखिम उठाने वाला भी वही।

तो दोस्तों अगर आपने पूरा पोस्ट पढ़ा हैं तो आप अपनी राय ज़रूर कमेंट करे आप क्या सोचते हो इस विषय पर साथ ही अच्छा लगा हो तो एक लाइक ज़रूर करें और ऐसे ही और नए कंटेंट के लिए हमारे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब भी ज़रूर करें | कोई सवाल या सुझाव हो तो आप हमें Instagram पर अपनी राय भेज सकते हो | तबतक के लिए स्वस्थ्य रहिये मस्त रहिये, जय हिन्द जय भारत | धनयवाद

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