क्या आपने कभी किसी फ़िल्म, टीवी शो, या वेब सीरीज़ की शूटिंग देखा हैं अगर आपने देखा हैं इतने सारे लोगों की टीम होती हैं और सब लोग समय पर अपने काम पर पहुँच जाते हैं ये सब सम्भव हो पाता हैं Film Call Sheet की मदद से।
सरल शब्दों में कहूँ तो Film Call Sheet एक ऐसा Document होता हैं जिसमें अगले दिन की शूटिंग की हर जानकारी लिखी होती हैं इसे पढ़कर फ़िल्म से जुड़े सारे लोग, ये समझ पाते हैं की कल का क्या शेड्यूल हैं।
क्या होता हैं Film Call Sheet ?
आसान भाषा में कहे तो Call Sheet Assistant Director और उनके टीम के द्वारा तैयार किया जाता हैं जिसमें कल होने वाले शूटिंग की पूरी डेटल्स होती हैं जैसे-
एक्टर , डायरेक्टर, टेक्नीशियन किसको कब शूटिंग सेट पर पहुँचना हैं कौन कौन से Scene की शूटिंग कल होने वाली हैं, किस सीन में कौन कौन एक्टर होगा, कौन कौन से ड्रेस यूज़ होने वाला हैं ।
इस कॉल शीट की मदद से कल होने वाली शूटिंग की पूरी जानकारी मिल जाती हैं। ये Call Sheet टीम के हर मेंबर को शूटिंग से पहले दिया जाता हैं ताकि सब लोग समय पर पहुँच जाए और सबको पता हो कि कल क्या शूट होने वाली हैं।
अधिकांश फिल्म और वेब सीरीज़ प्रोडक्शन में Call Sheet तैयार करने की ज़िम्मेदारी Assistant Director Department की होती हैं जानिए– Assistant Director का काम , सैलरी , और करियर के बारे में
Call Sheet में क्या क्या जानकारी दी जाती हैं ?
एक प्रोफेशनल कॉल सीट से आपको लगभग 80% जानकारी हो जाती कि कल क्या होने वाला है शूटिंग के सेट पर। इसमें आमतौर पे ये सारी जानकारी दी जाती हैं।
Shooting Date – शूटिंग किस दिन होगी
Shooting Location- शूटिंग कहाँ होगी
Reporting Time – कब सेट पर पहुँचना हैं
Actors Call Time – एक्टर को कितने बजे आना हैं
Shooting Scene Number- कौन सिन शूट होगा
Weather Information- मौसम की जानकारी
Parking And Location Indication- गाड़ी पार्किंग की जानकारी।
Emergency Contact Number – आपातकालीन कांटेक्ट नंबर, प्रोडक्शन टीम का नंबर, नजदीकी हॉस्पिटल का नंबर
यानी कि किसी भी फ़िल्म यूनिट के लिए ये एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं जिसमे यूनिट के लिए हर एक जानकारी दी गईं होती हैं।

शूटिंग से पहले ये क्यों सबसे ज़रूरी डॉक्यूमेंट होता हैं ?
फिल्म मेकिंग पूरी तरह से बिजनेस है और यहां पर हर इंसान की समय की कीमत होती है Film Call Sheet न होने से क्या दिक्कत हो सकती हैं ?
समय और पैसे की बचत –
कॉल सीट न होने सेट पर अराजकता का माहौल पैदा हो सकता है कोई 9:00 बजे आ सकता है तो कोई 11:00 बजे, कॉल सीट से यह सुनिश्चित हो जाता है कि किसकी जरूरत कब है और वह ठीक समय पर सेट पर मौजूद रहे, इससे समय बर्बाद नहीं होता है और प्रोडक्शन का बजट भी कंट्रोल रहता हैं।
मिसकम्युनिकेशन ख़त्म होता हैं –
Film Call Sheet के कारण यूनिट के कोई भी मेंबर यह नहीं कह सकता कि मुझे तो पता ही नहीं था , मुझे तो किसी ने बताया ही नहीं, क्योंकि कॉल शीट में हर चीज की जानकारी दी गई होती हैं इसलिए किसी भी कंफ्यूजन की गुंजाइश ही नहीं होती है अगर कॉल सिर्फ प्रॉपर बनाया गया हैं तो।
हर विभाग के लिए गाइड –
कॉल सहित में हर डिपार्टमेंट का काम भी मेंशन होता है जैसे-
कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर और मेकअप मैन को यह पता होता कि किस एक्टर को पहले तैयार करना है किसको कौन सा कॉस्ट्यूम देना हैं
वही कैमरा और लाइट टीम को पता होता है कि पहला सीन इंटीरियर होगा या एक्सटीरियर ताकि वह अपनी लाइफ वैसे ही सेट कर सके और टाइम पर पूरी तरह तैयार हो सके
एक्टर्स को भी पता होता है कि आज कौन से डायलॉग याद करके आने हैं और कौन से सीन शूट होनेवाली हैं।
अगर आप फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो Script Pitching की प्रक्रिया को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इन्हें भी जाने – Script Pitching क्या होती हैं ?
Call Sheet कैसे पढें ?
Call Time देखें – जब भी आपको कॉल सीट मिले तो आपको केवल अपना कॉल टाइम देखना चाहिए किसी दूसरे ग्रुप मेंबर का नहीं अगर आपका कॉल टाइम 6:00 का है तो आप कुछ 6:00 ही पहुंचना है और कोशिश यह होनी चाहिए कि आप 15 मिनट पहले सेट पर पहुंचे
बदलाव पर नज़र रखें – कभी-कभी इन वक्त पर कॉल सेट में बदलाव किया जाता है इसलिए कल अगर आपकी शूटिंग होने वाली है तो आपको लेट से रात को सोने से पहले एक बार जरूर चेक कर लेना चाहिए
इसे शेयर न करें – कॉल सीट एक कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट है इसमें एक्टर्स के पर्सनल नंबर और लोकेशन की जानकारी दी गई होती है इसलिए इसे सोशल मीडिया पर कभी भी पोस्ट ना करें और ना ही कभी बाहरी लोग के साथ शेयर करना चाहिए।
Call Time को जानें –
जहां तक हमने इस पोस्ट में बात किया हैं Call Sheet क्या होता है उसकी क्या अहमियत है कैसे पढ़ना चाहिए, लेकिन एक शब्द होता है Call Time और ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री में प्रचलित Call Sheet नहीं है कॉल टाइम हैं
क्योंकि कॉल टाइम का मतलब होता है कि आपको कितने बजे सेट पर पहुंचना है सबसे ज्यादा एक्टर या टेक्नीशियन हो यही ध्यान रखते हैं लेकिन ज्यादातर मेरा जो एक्सपीरियंस है
जो मैंने देखा है लोग कॉल टाइम ज्यादा फोकस करते हैं की शूटिंग कितने बजे है और कोशिश करते हैं की शूटिंग से 10 15 मिनट पहले सेट पर मौजूद रहे और बाकी सारा काम वह वहां पर पहुँच कर मैनेज कर लेते हैं।
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मेरा ख़ुद का अनुभव
जब मैं अपनी फिल्म की शूटिंग कर रहा था वहां पर एक एक्टर को कॉल टाइम 8 बजे का था और वो टाइम पर पहुंच नहीं पाया आधे घंटे तक डायरेक्टर ने वेट किया, इस दौरान उसने दूसरे एक्टर का शूट कर लिया ।
लेक़िन वो एक्टर आधे घंटे में भी जब नहीं पहुंचा तो वहां सेट पर मौजूद किसी दूसरे एक्टर को वह काम डायरेक्टर ने दे दिया, तो इससे नुकसान क्या हुआ कि अगर आप कॉल टाइम मेंटेन नहीं करते हो तो आपके हाथ से अच्छा से अच्छा मौका भी निकल सकता हैं।
इसलिए अगर आप शूटिंग पर आपको इसलिए अगर आपको कॉल टाइम दिया गया है तो आप कोशिश करो कि क्या ट्रैफिक बहुत ज्यादा होता है तो आपका जो कॉल टाइम है वहां पर अगर पहुंचने का टाइम 8:00 बजे है तब कोशिश से करो कि मैं 7:30 बजे सेट पर पहुंचूं उसे हिसाब से आपको टाइम मैनेज करके निकलना चाहिए घर से
और एक बात हमेशा याद रखें आप अगर एक्सक्यूज दोगे कि मैं ट्रैफिक में फंस गया,मेरी गाड़ी पंचर हो गई तो ये सब बहाने नहीं चलते ,हालांकि बहुत जगह मैनेज हो जाता है लोग कर भी लेते हैं
लेकिन यह नियम बिल्कुल सही नहीं है अगर आपको लाइफ में आगे बढ़ाना है तो आपको कॉल टाइम हमेशा मेंटेन करना चाहिए ,जब मैं कोर्स कर रहा था AAFT से (एशियन एकेडमी का फिल्म एंड टेलीविजन) से तो वहां पर हमें बताया गया था कि यू मस्ट फॉलो कॉल टाइम
फिल्म इंडस्ट्री में केवल Talent ही नहीं, बल्कि Professional Discipline और Planning भी सफलता के लिए ज़रूरी हैं।
इन्हें भी समझें – Why Most People Fail in Bollywood ?
निष्कर्ष –
Film Call Sheet एक गाड़ी के फ्यूल की तरह है अगर गाड़ी को सही दिशा में ले जाना है तो उसमें फ्यूल होना भी बहुत जरूरी होता है ठीक इस लिहाज से अगर शूटिंग को टाइम पर कंप्लीट करना है बजट में शूट करना है Over बजट न हो इस सबके लिए कॉल सीट बहुत ही जरूरी होता है।
अगर आप एक एक्टर या टेक्नीशियन हो ,अगर आपने कॉल टाइम मेंटेन करना शुरू कर दिया ,आप अपने कॉल टाइम के पक्के हो तो अगर आपके अंदर टैलेंट कम भी है तो भी आपको काम मिलने की संभावना ज्यादा होती हैं।
क्योंकि बहुत सारे निर्देशक जो डायरेक्ट होते हैं वह एक्टर के एक्टिंग के साथ उनके व्यवहार उनको काफी पसंद आता है एक एक्टर अगर थोड़ा कमज़ोर भी है एक्टिंग में लेक़िन उसका व्यवहार अच्छा हैं
तो डायरेक्टर उससे एक्टिंग निकलवा लेगा, लेकिन अगर एटीट्यूड है Call Time मेंटेन नहीं करता है तो वह उसको ज्यादा दिन नहीं झेल पता हैं।
अगली बार आपको जब भी कॉल सीट मिले तो उसको अच्छे से पढ़िए इस पर अमल कीजिए और जो बातें इस पोस्ट में बताई गई है उसको ध्यान रखते हुए कॉल सीट को ज्यादा इंपोर्टेंस दे तभी आप एक अच्छे एक्टर के साथ आगे का सफर बेहतर तरीके से तय कर सकते हैं।
तो फ्रेंड्स उम्मीद करता हूं कि आज का ये फ़िल्म Call Sheet का जो विषय है आपको अच्छे से समझ में आया होगा,अगर आपको ये जानकारी पसंद आया हो तो प्लीज एक लाइक जरुर कीजिए
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जय हिंद
