नमस्कार दोस्तो आज इस पोस्ट में बात करेंगे फ़िल्म भुज से जुड़े कुछ Unbelievable Facts of Bhuj जो वाकई अमेज़िंग हैं।
अजय देवगन की आनेवाली फ़िल्म भुज इनदिनों काफी चर्चें में हैं। ये फ़िल्म अगले महीने रिलीज़ होने जा रही हैं तो आइए जानते हैं इस फ़िल्म के Unbelivable Facts के बारे में।
स्वतंत्रता दिवस पे रिलीज़ होने जा रही फिल्म भुज के एक्शन सीक्वेंस के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। इस फ़िल्म की बजट के बारे में अगर बात करेंगे तो मीडिया के अनुसार इस फ़िल्म का बजट लगभग 120 करोड़ हैं ।
1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध पे आधारित फिल्म भुज में दिखाया गया हैं कि उस समय हमारे जवानों ने किस तरह उस विकट परिस्थितियों का मुकाबला किया और दुश्मन के दांत खट्टे कर दिए।
फ़िल्म में कई सारे एक्शन सीन हैं जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। बताया जाता हैं कि इस फ़िल्म के केवल एक्शन सीन पर 50 करोड़ खर्च किया गया हैं।
यानी कि फ़िल्म के आधे बजट का इस्तेमाल केवल एक्शन सीक्वेंस पे किया गया हैं तो चलिए जानते हैं कि कहाँ और किस तरह एक्शन सीन शूट किया गया हैं और क्यों इस फ़िल्म के एक्शन सीन को लेकर काफी चर्चा हैं।

01. ब्रिज तोड़ने वाले सीन में 60000 लीटर पानी का उपयोग
इस फ़िल्म में एक सीन हैं जिसमे आर्मी के द्वारा एक ब्रिज को तोड़ना होता हैं जिसमे आर्मी फैसला करती हैं कि ब्रिज को बम के धमाको से नही पानी से तोड़ा जाएगा। ये सीन एक बार पूरा शूट किया गया था लेकिन जब एडिटिंग में इस सीन को देखा गया तो सीन उतना प्रभावी नही लगा।
इसके बाद VFX के उपयोग के बाद भी सीन में वो रोमांच और वास्तविकता नज़र नही आ रहा था । फिर इस सीन को दुबारा रामोजी राव स्टूडियो में फिर से शूट किया गया जिसमें ब्रिज तोड़ने के लिए पानी का फ़ोर्स दिखाना था।
इस फ़ोर्स को वास्तविक दिखाने के लिए लगभग 60000 लीटर पानी को इकठ्ठा किया गया और फिर ब्रिज को उस फ़ोर्स से तोड़ा गया। हालांकि ये सीन दो बार शूट किया गया हैं अब ये कितना रियल दिखेगा ये तो फ़िल्म देखके ही पता चल पाएगा।।
एक क्यूंटल मिर्च के ढेर पे किया गया फाइट सीन
एक दूसरे सीन में अजय देवगन मिर्च के ऊपर फाइट करते दिखते हैं। इस सीन में अजय देवगन को पता चलता हैं कि बॉर्डर उस पर से मिर्च के बोरी में तस्करी हो रही हैं और वो उस सीन में तस्करों के साथ फाइट करते हैं।
इस सीन को फिल्माने के लिए एक कमरा को गोदाम का शक्ल दिया जाता हैं जहाँ 100 किलो लाल मिर्च फर्श पे बिछाया जाता हैं और उसके ऊपर फाइट होती हैं। इस सीन को करते वक़्त आंख में जलन भी होती हैं इसके वावजूद भी सीन को पूरा किया जाता हैं। इस सीन को मुम्बई में ही शूट किया गया हैं।

Superb VFX इस्तेमाल किया गया हैं
एक और सीन में पाकिस्तानी आर्मी का हमला दिखाया गया हैं जिसमें VFX की मदद से 300 जूनियर आर्टिस्टों के साथ शूट किया गया हैं लेकिन VFX की मदद से इसको 1800 आर्मी दिखाया गया हैं।
फ़िल्म को इंडियन आर्मी का काफी सपोर्ट रहा हैं आर्मी ने काफ़ी असलहे इस्तेमाल करने की भी इज़ाज़त दिए हैं फ़िल्म में फाइटर प्लेन भी दिखाया गया हैं हालांकि फाइटर प्लेन का केवल एक्सटीरियर का ही इज़ाज़त आर्मी के द्वारा दिया गया। बाद में आर्ट डायरेक्टर ने खुद ही फाइटर प्लेन बनाये।
इसमें लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं वैसे तो इस फ़िल्म में बहुत सारे ऐसे सीन हैं जो वाकई काबिले तारीफ हैं।
50 लाख हर दिन एक्शन पे किया गया खर्च
इस तरह बहुत से सीन हैं जिसको वास्तविक दिखाने के लिए काफी खर्च किया हैं जिसके कारण हर दिन लगभग 50 लाख का खर्च केवल एक्शन सीन पे किया गया हैं। लगभग 100 दिनों की शूटिंग की गई हैं।
इस तरह के स्टंट सीन फ़िल्म को काफ़ी रोमांचक बनाया हैं। जिसे आप सिल्वर स्क्रीन पर देखके आप भी रोमांचित हो जायेगे।
निष्कर्ष
भुज अजय देवगन , संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा और नूरा फतेही की एक बेहतरीन फ़िल्म साबित हो सकती हैं ।
इसमें नूरा फतेही केवल आइटम डांस ही नही बल्कि काफी अहम रोल में हैं वो पाकिस्तानी एजेंट को हनी ट्रैप में फंसाती है।
सोनाक्षी सिन्हा फ़िल्म के सेकेंड हाफ में आती हैं जो अजय देवगन को रनवे बनाने में मदद करती हैं।
शरद केलकर एक आर्मी अफसर के रोल में हैं जो काफी अहम किरदार को निभा रहे हैं।
बात करें संजय दत्त की तो काफ़ी बेहतरीन रोल में हैं जिनको पाकिस्तानी सेना का हर राज़ मालूम होता हैं।
जिस तरह की फ़िल्म की कहानी हैं भारत पाकिस्तान के युद्ध पर आधारित ऊपर से इन स्टारों के होने से और जिस तरह से एक्शन पार्ट पे भारी भरकम बजट खर्च किया गया हैं इससे पता चलता हैं फ़िल्म वाकई में अपने आप में रोमांचक होगी।
अगर आप भी अजय देवगन के फैन हैं तो कृपया कमेंट करके बताये की फ़िल्म के ट्रेलर में अजय देवगन का किरदार कितना प्रभावित करता हैं।
धन्यवाद
रवि यू.यादव
