मुंबई में असफल होने के कारण | एक्टिंग करियर की 3 बड़ी गलतियाँ जो सपनों को तोड़ देती हैं

ravi

फ्रेंड्स आज का पोस्ट उनलोगों के लिए बहुत ही काम की साबित हो सकती हैं जो मुम्बई अपना करियर बनाने आता हैं ख़ासकर एक्टिंग में। आज के इस पोस्ट में मैं कोशिश करूंगा वो पूरी जानकारी शेयर करने की जिसके बारे में जानकारी नही होने के कारण ज़्यादातर लड़के लड़कियाँ यहाँ असफ़ल हो जाते हैं और अपने जीवन का गोल्डन पीरियड खराब कर लेते हैं और अंत में हिम्मत हारकर या तो वापस चले जाते हैं या frusted होकर अपना करियर और जीवन दोनों बर्बाद कर लेते हैं। तो चलिए जानते हैं एक एक करके सारे टॉपिक्स के बारे में। “Mumbai Acting Failure Reasons

01. परिवार से कोई सपोर्ट नही

👉 “जब अपने ही परिवार का सपोर्ट न मिले… तो इंसान अपने सपनों के बीच सबसे अकेला हो जाता है।

इसमें सबसे पहला और मुख्य कारण होता हैं परिवार से सपोर्ट न मिलना, यहाँ ज़्यादातर लोग माध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं जिनकी आर्थिक हालत अच्छी नही होती हैं परिवार जैसे तैसे गुज़ारा करता हैं और जब उस घर से कोई लड़का या लड़की बॉलीवुड में करियर बनाने का सपना देखता हैं तो बहुत ही बड़ी बात मानी जाती हैं।

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सबसे पहले तो उसको घर से Acting की इज़ाज़त ही नही होती हैं इस फील्ड में आने की अगर किसी कारण वो जब आ जाता हैं तो उसको घर का कोई सपोर्ट नही होता हैं और हो भी कैसे क्योंकि घर की माली हालात उस तरह का नही होता हैं।

Young boy standing at Mumbai railway station looking at the sky for the first time, thinking about his dreams and acting failure reason in his journey

जब वो सपनों की नगरी मुम्बई में आता हैं तो सबसे पहले उसको बेसिक तीन चीज़ों की ज़रूरत होती हैं घर, भोजन और स्ट्रगल करने के लिए पैसा। जो कि उसके पास नही होता हैं और उसके बाद अपने सपने को साइड ने रखकर वो पहले वहाँ अपने आप को सेटल करने में लग जाता हैं क्योंकि मुम्बई भारत का सबसे महंगा शहर हैं वहाँ सबसे बड़ी दिक्कत रहने की होती हैं। ये हैं पहला Acting Failure Reasons

क्योंकि वहाँ रेंट पे घर लेना बहुत ही कठिन काम होता हैं सबसे पहले वहाँ बैचलर को जल्दी घर नही मिलता और अगर मिल भी जाये तो बहुत महँगा होता हैं। मेन मुम्बई से बाहर भी एक रूम लेने के लिए कम से कम 20 से 25 हज़ार डिपॉज़िट चाहिये होता हैं और फ़िर ब्रोकरेज ( दलाली) देनी पड़ती हैं उसके बाद कोई पहचान वाला हो जो मुंबई में पहले से रहता हो।

उसके बाद हर महीने रेंट, लाइट बिल जैसे ख़र्च जो वो उठाने में असमर्थ होता हैं और पहला फेज़ वो यहाँ फसता हैं और इसको सुलझाने के लिए वो कोई भी काम करना शुरू करता हैं और अपने मुख्य लक्ष्य से भटक जाता हैं। एक ऑप्शन और होता हैं PG ( Paying Guest ) वो भी काफ़ी महंगा होता हैं और उसके लिए भी गारंटर की ज़रूरत होती हैं।

अच्छा मैं ऐसा नहीं कह रहा हूँ कि वहाँ रूम नहीं मिलता, रूम तो मिल ही जाता है, जो जो ब्रोकर है वो किसी न किसी तरीके से रूम दिला देता है, लेकिन दिक्कत यह होती है कि उसके बाद उसे पैसे की ज़रूरत होती है और पैसे कमाने के लिए वो अपना जो मुख्य लक्ष्य है जो एक्टिंग के लिए गया था वो दूसरे काम में फँस जाता है।

और जिसके कारण उसके देखते-देखते छः महीने साल भर ऐसे ही निकल जाता है जिसके कारण उसे काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है और ऐसे ही देखते-देखते टाइम निकलता और एक समय आता है कि वो अपने आपको असफल मानने लगता है, फ्रस्ट्रेट होने लगता है और वहाँ से या तो वापस चला जाता है या फिर वहीं के किसी दूसरे काम में व्यस्त हो जाता है लेक़िन ऐसा नहीं है कि लोग सफ़ल नही होते हैं  मोस्टली मामलों में ऐसा ही होता है लेकिन कुछ अपवाद में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो हर प्रतिकूलता का सामना करते हुए अपने आपको सफल बना लेते हैं। अब आपको समझ आया होगा कि

परिवार का सपोर्ट क्यों important है

02. दृढ़ निश्चय की कमी

👉 “अगर अंदर दृढ़ निश्चय नहीं है… तो सपने कितने भी बड़े हों, वो अधूरे ही रह जाते हैं।”

अब बात करते दूसरे पॉइंट की दूसरा पॉइंट है दृढ़ निश्चय की कमी। अब सबसे पहली बात करते हैं कि जब एक लड़का लड़की गाँव से मुंबई की तरफ रुख करता है अपने सपनों को साकार करने के लिए तो उस समय तो काफी मोटिवेटेड होता है क्योंकि वो काफी बड़े स्टार्स को देखता है टीवी फिल्मों मोबाइल पर सोशल मीडिया का ज़माना है तो वो हर रंगीन दुनिया को देखता है।

उनकी लाइव लाइफ को देखता तो काफी मोटिवेट रहता है उस समय जब वो मुंबई चला आता है लेकिन जब वो मुंबई आता है और इन परेशानियों का सामना जब करना होता है तो काफी समय तक वो कैसे भी अपने आपको संभालता हैं क्योंकि वो पहले से मोटिवेट रहता है तो वो सामना कर लेता है लेकिन एक समय आने के बाद वो धीरे-धीरे धीरे धीरे उसका मोटिवेशन कम होता जाता है और वो अपने सपनों को भूलने लगता है ।

हालाँकि वो पूरी तरह भूलता नहीं लेकिन अपने सपनों पर उसका फोकस कम होता है और क्योंकि उसका दृढ़ निश्चय नहीं होता है वो केवल मोटिवेशन होता है और मोटिवेशन के कारण वो इतना बड़ा स्टेप ले लेता है लेकिन यहाँ पर सफल होने के लिए आपको दृढ़ निश्चय होनी चाहिए कि मुझे कुछ भी हो परिस्थिति चाहे जैसी भी हो मुझे सफल होना है तो होना है अगर इस तरह का दृढ़ निश्चय लेकर अगर आप मुंबई आते हो तो ज्यादातर चांस है कि आप सफल हो सकते हो। हालांकि यहाँ सौ में से पाँच लोग सफल होते हैं और 95% लोग असफल हो जाते हैं। ये हैं  दूसरा Acting Failure Reasons

03. काम न मिलने से Frustration

मुंबई में सबसे बड़ा दर्द भूख नहीं होती… सबसे बड़ा दर्द होता है काम का न मिलना।”

जब कोई लड़का या लड़की अपने सपनों को लेकर मुंबई आता है, तो उसके अंदर उम्मीदें बहुत होती हैं।
उसे लगता है कि वो मेहनत करेगा, ऑडिशन देगा, और धीरे-धीरे उसे काम मिल जाएगा।
लेकिन असली संघर्ष यहाँ से शुरू होता है…
लगातार ऑडिशन देना


👉 हर जगह रिजेक्शन मिलना
👉 कभी कोई जवाब नहीं आना
👉और लंबे समय तक खाली बैठना

Young boy sitting in a dimly lit room reading an audition script carefully, trying to understand acting failure reason and improve his acting performance

शुरुआत में वो सोचता है कि “ठीक है, थोड़ा टाइम लगेगा।”
लेकिन जब हफ्ते महीने में बदल जाते हैं… और महीने साल में…
तो अंदर ही अंदर एक चीज जन्म लेने लगती है — फ्रस्ट्रेशन (Frustration)
धीरे-धीरे इंसान का आत्मविश्वास टूटने लगता है।
वो सोचने लगता है: “क्या मैं सही जगह आया हूँ?” “क्या मैं इसके लायक भी हूँ?” “क्या मेरा सपना सिर्फ सपना ही रह जाएगा?”
और सबसे खतरनाक बात ये होती है कि…

काम न मिलने से इंसान का दिमाग खाली रहने लगता है
और खाली दिमाग में शक और डर बढ़ने लगता है और
कई लोग यहीं पर हार मान लेते हैं।
कुछ लोग घर वापस चले जाते हैं…
और कुछ लोग मजबूरी में ऐसा काम करने लगते हैं जो उनके सपनों से बिल्कुल अलग होता है।
लेकिन वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी होते हैं…
जो हर रिजेक्शन के बाद भी कहते हैं— “अभी नहीं मिला, लेकिन मिलेगा जरूर।”
यही फर्क बनाता है एक आम इंसान और सफल इंसान के बीच। फाइनली ये हैं तीसरा  Acting Failure Reasons

👉अंतिम लाइन: “मुंबई में काम न मिलना असली टेस्ट है… जो इस टेस्ट को पास कर लेता है, वही अपने सपनों तक पहुँचता है।”

🎯 Conclusion

मुंबई हर सपने देखने वाले को बुलाती जरूर है… लेकिन हर सपना पूरा नहीं होता।

क्योंकि यहाँ सिर्फ टैलेंट काफी नहीं होता…

अगर किसी इंसान को परिवार का सपोर्ट नहीं मिलता, तो वो अंदर से अकेला पड़ जाता है। हर कदम पर उसे लगता है कि वो अकेला लड़ रहा है, और धीरे-धीरे उसका हौसला टूटने लगता है।

अगर अंदर दृढ़ निश्चय की कमी हो, तो इंसान कुछ समय तक तो लड़ता है, लेकिन मुश्किलों के आगे टिक नहीं पाता। सपने बड़े होते हैं, लेकिन मेहनत में consistency नहीं रह पाती।

और जब लंबे समय तक काम नहीं मिलता, तो फ्रस्ट्रेशन इंसान के अंदर भरने लगता है। रिजेक्शन, इंतज़ार और खालीपन धीरे-धीरे आत्मविश्वास को खत्म कर देते हैं।

इन तीनों चीज़ों का मिलना ही असफलता की सबसे बड़ी वजह बन जाता है…

👉 परिवार का सपोर्ट न होना
👉 दृढ़ निश्चय की कमी
👉 और काम न मिलने से पैदा हुआ फ्रस्ट्रेशन

लेकिन सच ये भी है…Bollywood Struggle के बारे में

मुंबई उन्हीं लोगों को सफल बनाती है जो इन तीनों हालातों के बावजूद टूटते नहीं हैं, बल्कि और मजबूत हो जाते हैं।

क्योंकि यहाँ सपने सबके होते हैं… लेकिन पूरे सिर्फ उन्हीं के होते हैं जो हर हाल में डटे रहते हैं।

उम्मीद करता हु की इस पोस्ट से उन लोगो को काफ़ी हेल्प होगी जो बॉलीवुड में अपना करियर खासकर एक्टिंग में बनाना चाहते हैं अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो एक प्यारा सा कमेंट ज़रूर लिखे साथ ही हमारे इस ब्लॉग को लाइक और सब्सक्राइब भी करें | साथ ही आप हमारे YouTube चैनल को भी विजिट कर सकते हो ऐसे ही बॉलीवुड कंटेंट के लिए और इस पोस्ट से सम्बंधित कोई सलाह या सुझाव हो तो instagram पर भेज सकते हैं |

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